September 12, 2026
यह गीत माउंट किलिमंजारो की माचामे पगडंडी पर एक शांत यात्रा दिखाता है। सुबह गाँव की धूप से लेकर जंगल, पठार, दीवार और बर्फीले शिखर तक हर मोड़ कविता बन जाता है। आवाज़ें बारी-बारी पुरुष और स्त्री स्वर में गूँजती हैं, संगीत नरम और शांत रहता है। उतरते हुए म्वेका द्वार तक पहुँचकर मन हल्का होता है, फिर मोशी से उड़ान भरकर मुंबई घर लौट आता है। बालकनी, समुद्र और सपने में वही शिखर फिर याद आता है, जैसे यात्रा दिल में हमेशा बसी रहे।
YouTube Video Link : https://youtu.be/dMNWYq4durk
Send us a message if you have any specific Video request that you’d like us to cover.